Friday, October 12, 2012

halchal halchal

हलचल हलचल , पल पल हलचल ।
नभ में  हलचल ,घर में हलचल ।।

पग पग ,दर दर ,सर सर थर थर ।
तू तू मैं मैं ,बस चल चल चल ।।

तू हठ ,तू हठ ,बस मैं बस मैं।
सकल धरा ,दलदल दलदल ।।

कैसे जीतूँ मैं बिना खेल ,कैसे होंगे सारे  ये फ़ैल ।
मेवा मेरी, सेवा तेरी, इंजन रख ले पर बिना तेल ।।

आना जाना, ये शहर हाट ,बैठक चिंतन ।
बस काम नहीं बस कल कल कल ।।

थोडा थम लो ,थोडा रुक लो ,थोडा सोचो है क्या हासिल।
कल कोई और थमेगा डोर ,तो क्यूं माथे पे बल बल बल।।





Monday, June 14, 2010

और आधा साल बीत गया

हार्दिक सुप्रभात,
अभी तो मैंने पिछला ब्लॉग लिखा था और अब तो जून जाने को है । शायद हम अब तक की सबसे तेज रफ़्तार जिन्दगी से रुबरु हैं । पिछले सप्ताहांत मैं मैंने अपनी पहली पसंदीदा मूवी जो मैं पहले नहीं देख पाया था। नाम हैं "मुक़दर का सिकंदर " ये शायद ७८ मैं रिलीज़ हुई थी । और मुझे इसके कई सोंग्स तब २ साल की उम्र मैं भी याद थे, पर कभी मूवी देखने का टाइम ही नहीं मिला।
लगता है की आप पास्ट में होकर आ रहे हो .....अभी भी इस मूवी के सोंग्स बहुत अच्छे लगते हैं , विशेष रूप से ओ साथी रे "

में कोशिश करूंगा की में ब्लॉग लिखना जारी रखूँ ॥

धन्यवाद और शुभकामनाएं
ललितेश कुमार

Tuesday, December 29, 2009

क्यूं और क्या २०१०

एक दिन के बाद अगला दिन और एक साल के बाद अगला साल । २००९ के बाद २०१०। तो क्या हैं हमारे लिए नए साल के माने ।

- २०१० मैं मेरी उम्र एक साल बढ़ जाएगी या कि मेरी जिंदिगी का एक साल कम होने जा रहा है
-२०१० मैं हमारे देश का लोकतंत्र ६० साल का हो जायेगा । क्या हमारा देश परिपक्व हो रहा है या बिखराव की और बद रहा है।
- क्या होगा २ साल बाद २०१२ मैं .क्या हमें समाप्त होने मैं २ साल ही बचे हैं या फिर हम अपने अंत से उन ही दूर हैं जितनीं अपने आरम्भ से ।
-क्या हम क्रिकेट के सभी संस्करणों मैं अपना प्रथम स्थान बना लेंगे ।
- विनडोस ७ क्या बनेगा सबसे प्रसिद्ध ओपेरटिंग सिस्टम ।

...... क्रमश